Thursday, December 10, 2009

मानव शरीर ही परमात्मा का घर

मानव शरीर ही परमात्मा का घर है.
मनुष्य कर्म के द्वारा ही जाना जाता है और कर्म का बंधन ही आत्म स्वरुप को धूमिल करता है.
प्रेम पूर्वक यह मानव शरीर की सेवा, आदर , सत्कार और उनकी भावनाओं का सम्मान ही परमात्मा के करीब पहुँचने का मार्ग है.