Friday, September 25, 2015

मनु वादी व्यवस्था वाले लोग

मनु वादी व्यवस्था वाले लोग कोई आकड़ा या कोई तथ्य मानने को तैयार नही होंगे। ये लोग जो मर्जी होती है कहतें है और करते हैं कोई संबिधान नही कोई कोर्ट नहीं कोई नियम नहीं उनके लिए। सब नियम हम पिछड़े दलितों के लिए होते हैं। न उनकी सोंच बदली है और न ही उनके व्यव्हार ।

उनकी तरफ से पिछड़ों दलितों के लिए गालियां, भेद -भाव, असम्मान, झूठ फरेब बोल कर बड़गलाना, सामाजिक शोषण, आर्थिक शोषण, सामाजिक मान्यता नहीं देना  ही होता आया है । अभी भी यही है भले ही ऊपर से देखार होना न चाह रहैं हो तो ऊपरी तौर पर व्यवहार अलग दीखता हो पर अंदर में तो वही बात रहती है।

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