Friday, September 25, 2015

बदलाव में समय लगता है

बदलाव में समय लगता है अभी तो केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही ठीक हुआ है सड़कें बानी स्कूल का बिल्डिंग दुरुस्त हुआ टीचर आये हॉस्पिटल बना कुछ लोगों को नौकरी मिली। कबीर का कहना है

धीरे धीरे रे मना धीरे सब कुछ होत
माली सींचत सौ घरा पर ऋतु आये फल होत।।

धैर्य रखिये नितीश को जिताईए क्योंकि

जो इंजीनियर और कार्य करने में सक्षम, कर्मठ, अनुभवी, संयमी, सुलझा हुआ, नपा तुला और कम बोलने वाला, संवेदनशील, सही शारीरिक अभिव्यक्ति वाला, बिना दुसरों के भावनाओं को ठेस पहुँचाये अपनी बात करने वाला  ईमानदार इंसान बिहार के प्रति सजग और समर्पित ब्यक्ति मुझे अगर कोई दीखता है तो वह है नितीश कुमार।

अपने राजनितिक जीवन में पहले करीब ५ साल इस देश के रेल मंत्री  और कुछ साल केंद्रीय मंत्री भी रहे  फिर १० साल बिहार के मुख्य मंत्री के शासन काल में कुछ भी ग़लत करने का आरोप न हो। आज की इस गिरी हुई राजनीति से भरे हुये लोगों के बीच अपने को बेदाग़ रखना, अपने आप में अजूबा है।

आज पढ़ा लिखा ईमानदार राजनीतिज्ञ का मिल ना कठिन है ऐसे बिहार के लिए नितीश कुमार के अलावे मुझे कोई नजर नहीं आता।

दूसरी पार्टियां कितनी भी गाली दे पर कितना भी आरोप प्रत्यारोप लगाये पर सच कहें तो आज के दिन पुरे देश में नीतिश कुमार के जोड़ का कोइ नेता नहीं है।

नितीश कुमार केवल नितीश कुमार को लाना है
नितीश कुमार को जीता कर अगला मुख्य मंत्री बनाना है।

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