Sunday, April 26, 2020

ना कोई देवी देवता न प्रभु न अल्लाह काम आया।

संदेश...
ना कोई देवी देवता न प्रभु न अल्लाह काम आया।
ना कोई झाड़-फूक बाबा, साधु-महात्मा काम आया।
न कोई पंडित-पुजारी, न मौलवी-पादरी काम आया।
फरिस्ता के रूप में डॉक्टर नर्स व कंपाउंडर काम आया
न कोई धर्म न कोई धार्मिक स्थल काम आया।
सिर्फ अस्पताल व उसके साजो सामान काम आया।
न दवा काम आयी, न विज्ञान काम आया
सिर्फ संयम, सेवा, छुप कर रहना काम आया।
धूल गई कलई, खुल गई पाखंड-पाखंडियों की चाल।
सबको सबक सीखा रहा, कोरोना की मारक चाल।
                    ---प्रमोद आनंद 02.04.2020

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