पंच तत्व का मिलन है सौंदर्य प्रकृति का
आज की सुबह खुशनुमा हुआ।
पंच तत्व का समावेशन हुआ।
आकाश घनघोर घटा से शोभित।
अग्नि पथ विद्युत से अवलोकित।
वायु दे रहा पथ घनघोर घटा को।
जल बूंद तृप्त कर रहा धरणी को।
पृथ्वी धारण किये इस सौन्दर्य को।
अद्भुत संगम देख पंच तत्व का।
तन मन हर्षित हुआ जन जन का।
गर्जन तर्जन करे घन मंडल।
छल छल छलके नीर निर्मल।
देख प्रकृति का सौंदर्य अद्भुत।
आह्लादित आनंद मन हुआ आनंदित।
----आनंद प्रमोद 21.04.2020
आज की सुबह खुशनुमा हुआ।
पंच तत्व का समावेशन हुआ।
आकाश घनघोर घटा से शोभित।
अग्नि पथ विद्युत से अवलोकित।
वायु दे रहा पथ घनघोर घटा को।
जल बूंद तृप्त कर रहा धरणी को।
पृथ्वी धारण किये इस सौन्दर्य को।
अद्भुत संगम देख पंच तत्व का।
तन मन हर्षित हुआ जन जन का।
गर्जन तर्जन करे घन मंडल।
छल छल छलके नीर निर्मल।
देख प्रकृति का सौंदर्य अद्भुत।
आह्लादित आनंद मन हुआ आनंदित।
----आनंद प्रमोद 21.04.2020

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