पानी को कस कर पकड़ने से हाथ से निकल जायेगा, उसे बहने दो तो वो रास्ता खुद बना लेता है। उसी तरह परिस्थितियां जब विपरीत हो या जो जीवन मे जो घटित हो रहा है वह समझ में ना आये तो उसे शांत भाव से तटस्थ हो कर द्रष्टा बन कर बस देखते रहना चाहिए। समय आने पर जीवन अपना मार्ग खुद बना लेता है।
------ भगवान बुद्ध
------ भगवान बुद्ध

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